23 September, 2019

कहानी

     एक छोटा सा फंक्शन मेरे घर में चल रहा था। घर का  एक कमरा चाचा चाची,  मामा मामी, मौसा मौसी, फूफा बुआ, भैया भाभी, दीदी जीजू से भरा हुआ था। जाने पहचाने सभी चेहरे मेरे आसपास थे, और मेरे कजिन्स भी।

     सभी नाश्ते के साथ अपनी अपनी बातों का मज़ा ले रहे थे। मेरे सभी मेल रिश्तेदार यानी चाचा, मामा, पापा, फुफा, भैया सभी बिजनेस की बातों में व्यस्त थे। छोटे बच्चे सारे ' बिजनेस ' खेलने में व्यस्त थे तो बड़े बच्चे अपने फोन के साथ व्यस्त थे। मेरी मासीजी और बुआजी को गॉसिप का बड़ा ही शौक है, जब वो दोनो मिल जाती है तो आसपास वालो को भूल जाती है। उधर मेरी मामीजी बड़ी ही शांत है और गॉसिप  तो कौसो दूर, तो मामीजी मम्मी को दूसरे कामों में मदद कर रही थी। काम निपटा कर मम्मी और मामी सब के लिए चाई ले कर आए। सभी अपनी अपनी बातों को छोड़ कर चाई की चुस्कियों का मज़ा लेने लगे।

     पता नहीं अचानक से पापा के दिमाग में क्या आया की रोहित से पूछा कि, "अरे भैया अपने बारे में भी तो कुछ बताओ, सुना है आपकी गर्लफ्रेंड भी है?"  रोहित मेरे चाचा का लड़का है और हम दोनों हमउम्र है। हमउम्र से याद आया कि मेरे बड़े मामा का लड़का पवन भी मेरे जितना ही है। 

     पहले तो रोहित थोड़ा हिचकिचाया पर थोड़ी आनाकानी करने के बाद अपने क्लास की लड़की, जो कि रोहित को पसंद है उसके बारे में बताने लगा। बड़े ही होश से वो अपनी कहानी सुना रहा था; कि कैसे एक्जाम के दौरान वो लड़की से मिला, कैसे उन्होंने बात करना शुरू किया, स्कूल में वो लोग कहा मिलते थे, कैसे वो ट्युशन के बाद एक-दूसरे को मिलने जाते थे। 

     ये बातें चल ही रही थी कि, छोटे मामा ने पवन की टांग खींचते हुए कहा कि, 'अरे रोहित अकेला ही प्यार के पाठ नहीं पढ़ रहा है, कोई पवन से भी तो पुछो की उनके वहां सिलेबस कहा तक पहुंचा है? रोहित से हटकर सबका ध्यान पवन की ओर आ गया। पवन ने थोड़ा इनकार करने के बाद बताया कि वे ओर उसके दोस्त एडवेंचर केम्प के लिए सिलीगुड़ी गए थे और वहां उसे एक लड़की पसंद आ गई। भाई तो सिंगल गए थे और मिंगल हो के लौटे।
     
सभी ये कहानियां बड़े ही इंटरेस्ट के साथ सुन रहे थे। आखिर कहानी किसे पसंद नहीं आती? ये बातें खत्म होने के बाद सभी अपनी अपनी बातों में वापीस लग गए। उन सब में से किसी को भी याद नहीं आया कि घर के एक कोने में मैं भी थी। मुझसे भी कोई पूछ लेता; क्या पता, मेरे पास भी कोई कहानी हो??!

5 comments:

Anonymous said...

don't share this link with your family members, kya pata agli meeting tumhe ye puchhne ke liye rakh de ��

abhay said...

I would love to listen your story

Traveller pachu shetty said...

nice story dear sister....keep it up...

hamar bihar said...

सुंदर, बहुत सुंदर प्रयास।

lostnonly said...

ज्वाला ही ज्वाला है. लावारस ����

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