उदयपुर के फतहसागर की पाल पर लगा हुआ फ्लावर शो, फूलों को जानने, पहचानने, परखने का एक मौका देता है। इसमें आप सिर्फ फूल की विविधता ही नहीं पत्तियों और गमले में भी विविधता देख सकते हो।
ज्यादातर हमारे घरों के आसपास गुलाब, बारमासी, चंपा, करेन, गेंदा, कोयल, जासुद जैसे फूल पाएं जाते है और हम लोग भी इसी नाम से ज्यादा परिचित होते है।
इस शो की खासियत ये है कि यहां Daisy, Gulbahar — गुलबहार का फूल; Bluestar, Asoniya — असोनिया; Hollyhock , Gulkhaira — गुलखैरा; Chrysanthemum - गुलदाउदी; Pansy, Banaphool Sreevat — बनफूल, स्रीवत; Dahlia - डेहलिया, Hiptage, Maadhavee Pushp — माधवी पुष्प; जैसे फूलों का प्रदर्शन है। नाम से जितने अटपटे लगते है, इतने ही देखने पर खूबसूरत है। हर फूल एक दूसरे से अलग है, सब के कलर, रचना, संरचना(texture you know!!!), बंधारण, खुश्बू, स्पर्श, नज़ाकत, गरिमा एक दूसरे से अलग अलग है। हर एक फूल अपने आप में अजूबा है।
बरगद, नीम, पीपल जैसे बड़े पेड़ को छोटी सूरत में देखना बड़ा ही अचरज दिलाता है। चाइना से आयी हुई और बोनसाई कहलाती हुई तकनीक बड़ी ही फेमस है। ये बड़े से पेड़ को बोने बनाने की प्रक्रिया और उनके बाद आया हुआ नतीजा बड़ा ही महंगा बिकता है। ये बोनसाई पेड़ भी यहां आपको देखने को मिल सकते है। घर, होटल की शोभा बढ़ाने के लिए ये बड़े ही काम आते है। इसको सिर्फ देखकर ही इसके प्यार में पड़ सकते हो।
बात अगर फूल और वनस्पति कि हो तो बहुत कम पानी में भी आसानी से उगने वाले कैक्ट्स भी प्रख्यात है। विविधता कि बात करी जाए तो काटे बनाने वाली वनस्पति में भी 5 से 7 प्रकार प्रदर्शन में है। सिर्फ हरे रंग ना हो कर आपको पीला, लाल, गुलाबी, नारंगी रंग में भी देखने को मिल सकता है। आप सोच भी नहीं सकते कि कांटे भी इतने खूबसरत हो सकते है।
जब फूल, पत्ते, कैक्टस, डालिया, सभी इतने खूबसूरत लग सकते है तो गमलों में भी विविधता क्यों नहीं हो सकतीं?
२५ दिसंबर से ३१ दिसंबर तक चलने वाला ये फ्लॉवर शो उदयपुर का अपना फेस्टिवल कहा जा सकता है। कुल देखा जाए तो ये फेस्टिवल आपकी नॉलेज वनस्पति शास्त्र में बढ़ाएगा; सुधरेगा; उदयपुर में बसी हुई होटल, हॉस्पिटल, कॉलेज और इवेंट कंपनियों के बारे में ज्ञान बढ़ाएगा। साथ ही ये देखते देखते आपके पार्टनर के साथ, फतहसागर की पाल पर, हाथ पकड़े हुए, भुट्टा खाते हुए, सूरज को अस्त होते देखने का लुफ्त उठा सकते हो।




























