14 October, 2019

त्योहारों के पहले का त्योहार, साफ सफाई का त्योहार, यादों का त्योहार

photo source : filmibeat


"कभी कभी कुछ बातें हमारे यादों के कमरे की इतनी खिड़कियां खोल देती है कि हम दंग रह जाते है। बहुत खूबसूरत होती है ये यादों कि दुनिया, हमारे बीते हुए कल के छोटे छोटे टुकड़े हमारी यादों में हमेशा रहते है। यादें मिठाई के डिब्बे की तरह होती है, एक बार खुला तो सिर्फ एक टुकड़ा नहीं खा पाओगे" ये जवानी है दीवानी का ये डायलॉग हमारे विषय में भी यथार्थ होता है

अभी अभी दिवाली का त्योहार आने वाला है। वैसे तो दिवाली का त्योहार राम भगवान के अयोध्या वापिस लौटने का त्योहार माना जाता है और उसी खुशी में सभी अपने घरों के आसपास दीप जलाते है। हिन्दू धर्म में दिवाली का अनूठा स्थान है और यह त्योहार सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। धनतेरस, रूपचौदस, दिवाली, नया साल और भाईदूज जैसे 5 दिन चलने वाला ये त्योहार अपने साथ कई सारी खुशियां ले कर अता है। लोग दिवाली कि तैयारियों की शुरुआत काफी दिन पहले से करना शुरू कर देते है और इन सब की शुरुआत होती है घर की सफाई से।
घर की सफाई वैसे तो बहुत ही बोरिंग काम है। अपना सुख, शांति और नेटफलिक्स छोड़ कर घर का काम करना किसीको भी अच्छा नहीं लगता। कोई कोई तो खुद की बीमारी का बहाना बनाते है तो कोई ओवरटाइम का। कोई परीक्षा का बहाना बनाते है  तो कोई ' आज थक गया, कल से पक्का शुरू करेंगे ' का। लेकिन मम्मी/ बीवी के सामने किसिकी एक नहीं चलती, अरे वहां तो डस्ट एलर्जी भी काम नहीं आती और शुरू हो जाती है घर की सफाई। घर के सभी लोग डाकू बन कर साफ सफाई में जुट जाते है। पुरानी सारी चीज़े निकाल कर, साफ कर के वापिस जैसे थे वैसे रख देते है और इन बीच हम यादों की गलियों में घूम आते है। संदूक तो जैसे हमारा बचपन संभाले हुए है; हमारे पुराने खिलौने, पुरानी चित्रपोथी ( drawing book), छोटे कपडे, छोटे बुट, कहानियों की किताबें, पुराना स्कूल बैग, टूटा हुआ वाज़, सूखे हुए फूल, ना भेजा गया पत्र, मेडल्स, एल्बम, पुरानी किताबें और उन पर लिखी शायरियां। ये सभी चीज़े चाहे कितनी भी पुरानी, टूटी हुई क्यों ना हो पर हमारे दिल के सब से करीब रहती है। इस में  बच्चे का ' मै कभी इतना छोटा था?' का आश्चर्य है तो एक मा के ममत्व  की यादे। ये चीज़े एक युगल का अपने बच्चे को ले कर प्यार है और एल्बम में अभी तक कि सफर का सफरनामा। सच में, यादें मिठाई के डिब्बे की तरह ही है, एक बार खुला तो सिर्फ एक टुकड़ा नहीं खा पाएंगे। पुस्तकों में लिखी हुई शायरियां, पत्र और सूखे हुए फूल, यादों का वो टाइम मशीन है जो बीते हुए पलो को वापिस ला सकते है। आप उस पल में हस सकते हो, रो सकते हो, या फिर उसकी याद में सिर्फ मुस्कुरा कर वापिस इस पल में लौट सकते हो। ये बीते हुए पल ज़िंदगी के वो पल है जो आप वापिस जीना तो चाहेंगे पर कभी वापिस नहीं ला सकते मगर ये कुछ चीज़े है जो उन पलो को अपने में संभाले बैठी है।

इन सब पलो की खूबसूरती ये है कि आप ज्यादा देर तक उसमे गोते नहीं लगा पाते क्युकी आपके आसपास फैली हुई धूल है और काम ख़तम करने का बोझ आपको वापिस ला ही देता है। घर को वापिस पहले जैसा बनाना होता है, दूसरे लफ्जो में यूं कहिए कि और भी ज्यादा संवारना होता है। कोई घरों में कलर करवाते है तो कोई फर्नीचर बनवाते है तो कोई अपना इंटीरियर बदलते है। इन सब के बीच कबाड़ीवाले भैया का बिजनेस आसमान छू रहा होता है और कोई कोई तो वहां से भी कुछ सामान खरीदकर अपने घर में ' एंटीक पीस ' की तरह सजा देते है। ये बात मत भूलना की आप नई चीज़े नहीं बसा रहे, परन्तु आप अपने जीवन में नई यादें बना रहे हो। 

साफ - सफाई का काम ख़तम करने के बाद ऐसा लगता है जैसे घर में नई चेतना का संचार हुआ हो। नए घर में मनाई जाने वाली दिवाली उससे भी ज्यादा रोमांचक हो जाती है। साफ सफाई तो हमारा सिर्फ पहला चरण था, मूल सारे काम तो अब से शुरू होंगे। धनतेरस की पूजा कि तैयारी, दिवाली के लिए नए कपडे, बच्चो के लिए पटाख़े, आंगन सजाने के लिए रंगोली के रंगों की खरीददारी, साल को वेलकम करने के लिए न्यू ईयर पार्टी, नए साल का मुंह मीठा करवाने के लिए मिठाईयां, भाईदूज के दिन बहन के घर जाने की उत्सुकता और ये सब खत्म होते ही वापिस काम पे लगने की नीरसता। बच्चो के हसी की किलकारी, पटाख़े के आवाज, रंगोली बनाते हुए छलकतीे नज़ाकत, मिठाई में डलती हुई इश्क की चाशनी, हर घर के पास उजाला किए हुए नन्हा सा दीपक या तो ज़गमगाती हुई चाईनीज लाइट, छुट्टियां मनाने के लिए घर आते बच्चे; दिवाली सचमुच में लोगों को नजदीक ला देती है।


Bins's Favourite

थम के रह जाती है जिन्दगी तब
जब जम के बरसती हैं पुरानी यादे

09 October, 2019

वक्त का खास होना जरुरी नहीं... खास लोगो के लिए वक्त का होना जरुरी है...

Hy Annie.
Max.
I don't want you to think i forget you.
Its just that..
I couldn't find you
I woke up and you were gone.
Everything was gone.
It all just disappeared in-
-in one minute.
I couldn't remembered that minute.
I - I lost it.
But I think I found it all now, though.
 I - I used a calculator, you see.
Do you know we get about 1400 minutes a day?
So, I, I figured it out.
I was...
29 year old and..
3 months and 8 days
So it was minute number 17 million, 810 thousand, 200 or so
Thats the one I lost
And when i lost that minute,
I guess i just...   I tried to loose it all,
All the memories,
cz it..
It hurts so bad,
So i tried, but i...
...
...
I couldn't do it. I...
Max you were sick that day remember?
It was your birthday,
and you...
You ate too much
..
(crying)
...
I uh..
Annie, you said, 'slow down. Its wet, okay?
And you were right
I should have slowed down
I should have slowed down lots of times.
But i didn't always listen.
I didn't listen when you...
When you said,'Steve, just please...... spend more time.'
But that day i made you smile, Max.
Remember?
You looked at me
and i made a face
And then we all smiled.it...
It was a great minute.
It was.
(crying)
I'm so glad I found that minute ans no  matter what, I'll....
(clears throat)
No matter what
I'll not forget anymore.
I wont forget
I love You

किसी को भी रुला दे ऐसी ये ४ मिनिट की इमोशनल स्पीच, मूवी 'angle eyes ' की है, जिसमे हीरो ने एक्सीडेंट के दौरान अपनी पत्नी और बेटे को गवा दिया था। ये पढ़ते वक्त सब को वो फील कर सकेंगे जो पैइन हमारा हीरो अपने संवाद में कर रहा है। अपने परिवार से बिछड़ने का गम अच्छे अच्छा को तोड़ देता है। बहुत मुश्किल होता है जब आपका अपना इस दुनिया से चला जाता है।  कई सारे सपने पुरे नहीं हो पाते; कई कम्प्लेन, बातें, लम्हे दिल में ही दबे रह जाते है। वो इंसान केचले जाने के बाद दिल की बातें दिल में ही रह जाती है, क्युकी अब सुनने वाला इस दुनिया में रहा नहीं। अनकही बातों के ढ़ेर के निचे  दिल जैसे दब सा जाता है।

लाइफ में सक्सेस बहुत जरुरी है, पर आप का सक्सेस का मापदंड क्या है? गाड़ी, बंगला, तगड़ा बैंक बैलेंस? पर उसके बाद क्या? चलो मान लिया की आपके पास ये सब कुछ भी आ गया लेकिन आपकी ख़ुशिओ में सहभागी होने वाला कोई साथ न हुआ तो? कहा से लाओगे वो हसी के ठहाके जो कभी आप भी आपकी फॅमिली के साथ बैठ कर लगाया करते थे? कहा से लाओगे वो कंधा जिसके ऊपर सिर रख कर आप कभी रोया करते थे? अगर आपकी सक्सेस में आपके अपने साथ ही नहीं है तो क्या करोगे ऐसी सक्सेस का? अगर आपके पास भी ऐसा कन्धा है तो उसे संभल कर संजोकर रखिए, क्योकि जहा दिल खोलकर रोया जा सके वैसे कंधे और कौने बहुत कम लोगो को मिलते है।

जब परिवार साथ होता है तो लोग दाल रोटी खा कर भी बुरा समय पसार कर देते है लेकिन जब सक्सेस की चकाचोंध में अकेले हो तो पिज़्ज़ा में भी टेस्ट नहीं आता। 'Everybody loves you when you are Dead' बुक के टाइटल जेसे अगर किसी को प्यार करते है तो अपना प्यार जताने के लिए उसके दूर जाने तक का इंतज़ार ना करे।  थोड़ा सा समय निकल कर उसे बताये की वो आपकी लाइफ में कितने इम्पोर्टेन्ट है। अपने दिन की कुछ मिनिट्स निकल के बातें कर ले; कुछ उनसे पूछिए, कुछ आप कहिए।

बात परिवार की करी जाये तो सिर्फ मम्मी-पापा, दादा-दादी, भाई-बहन ही परिवार नहीं कहलाता। हम जिसके साथ उठते बैठते है, खाते पीते  है, शॉपिंग पर जाते है, गप्पे लड़ाते है, किसी तीसरे की बिचिंग करते है, घूमने जाते है; वो भी तो कही न कही हमारी फॅमिली बन जाती है। वो हमारे ऑफिस के कर्मचारी हो सकते है(वैसे भी दिन का महत्तम समय तो ऑफिस पर ही निकलते  है); हमारे साथ हररोज सफर करते हुए कुछ दोस्त, कुछ चेहरे( A Wednesday मूवी याद है ना ?); हमारे घर कभी भी टपक जाते नालायक दोस्त(घर से दूर रहने वाले लोग ज्यादा रिलेट कर पायेगे)। हम इन सब से प्यार करते है, आदर करते है, उनके सलामत रहने की भगवान से प्रार्थना करते है। लेकिन कभी भगवन को छोड़ कर उस परिवार से भी बात कर लेनी चाहिए। वैसे भी ज़िंदगी में बड़े पलो से ज्यादा खुशियाँ छोटे पल देते है।

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आओ ना  मरने से पहले थोड़ा समय साथ में जी लेते है। 

what does depression feels like in professional life?

Hello! I am doing my master's and working as a freelancer part-time. I often feel depressed. one day one of my friends asked what does i...